जोरा तालाब मार्ग बंद करने पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा बाउंड्रीवॉल निर्माण के खिलाफ ग्राम बैठक, नक्शे में हेरफेर का आरोप

 जोरा तालाब मार्ग बंद करने पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा बाउंड्रीवॉल निर्माण के खिलाफ ग्राम बैठक, नक्शे में हेरफेर का आरोप

राकेश कुमार की रिपोर्ट | कुम्हारी |
​कुम्हारी। नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 9 स्थित जोरा तालाब मार्ग पर एक निजी भू-स्वामी द्वारा बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराए जाने से ग्रामीणों और प्रभावित किसानों का आक्रोश भड़क उठा है। दशकों पुराने आम रास्ते को बंद किए जाने के विरोध में रविवार को बाजार चौक स्थित गांधी चौरा पर ग्रामीणों, किसानों, जनप्रतिनिधियों और पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में एक आपात बैठक बुलाई गई जिसमें तालाब में निस्तारी और खेती किसानी के लिए रास्ते के मुद्दे पर जमकर गहमागहमी हुई।ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि वे वर्षों से तालाब में निस्तारी और अपनी कृषि गतिविधियों के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते आ रहे हैं। भू-स्वामी राकेश पाण्डेय द्वारा इस जमीन को निजी बताकर बाउंड्रीवॉल खड़ी की जा रही है, जिससे तालाब और खेतों तक जाने का एकमात्र जरिया पूरी तरह बंद हो जाएगा। किसानों ने चिंता जताई कि रास्ता बंद होने से ट्रैक्टर व कृषि उपकरण ले जाना असंभव हो जाएगा। ​बैठक में ग्रामवासियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भू-नक्शे के साथ कथित रूप से छेड़छाड़ करके शासकीय मार्ग को निजी दिखाया गया है। इसके अलावा, बिना नगर पालिका की अनुमति के ही बाउंड्रीवॉल का पक्का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी भारी नाराजगी है कि प्रशासनिक अधिकारियों की जानकारी में होने के बावजूद पालिका प्रशासन ने अब तक निर्माण रोकने या कार्रवाई करने का कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

​बैठक में जनप्रतिनिधि और पुलिस बल रहा मौजूद
​इस गंभीर मुद्दे को लेकर आयोजित ग्राम बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती मीना वर्मा, उपाध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत, पूर्व पालिका अध्यक्ष राजेश्वर सोनकर, पार्षद लेखराम साहू, डिकेश पटेल, विकास सोनकर, भाजपा मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र सिन्हा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मनहरण यादव सहित पुलिस प्रशासन के अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान व सैकडों ग्रामीण उपस्थित रहे। बैठक में तालाब जाने वाले रास्ते के साथ-साथ नाली का गंदा पानी खेतों में जाने की समस्या पर भी देर तक तीखी बहस चलती रही। हालांकि बैठक के बाद खेतो में जा रहा नाली के पानी को ग्रामीणों के द्वारा डायवर्ड किया गया। वहीं ​ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मार्ग को सुचारू नहीं किया गया और शासकीय भूमि के नक्शे की निष्पक्ष जाँच नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

किसान चंद्रिका प्रसाद यादव

प्रभावित किसान चंद्रिका प्रसाद यादव ने बताया कि कई इसी जमीन से लगा मेरा 1 एकड़ जमीन है वर्षों से इसी रास्ते से होकर किसानी का कार्य करता आ रहा हूँ। और मैं बचपन से देख रहा हूँ की कई वर्षों से तालाब में निस्तारी के लिए लोग आना-जाना कर रहे है लेकिन आज प्रभावशाली लोग अपनी निजी स्वार्थ के लिए किसानों और ग्रामीणों को डराने व दबाने का कार्य कर रहा है।

मदन सिन्हा शांति नगर वार्ड निवासी

बचपन से ही जोरा तालाब में निस्तारी के लिए परिवार सहित आत-जाते रहे है कभी भी किसी के द्वारा इस मार्ग को बंद करने का साहस नही किया गया लेकिन एक भू स्वामी द्वारा अपनी निजी जमीन बताकर उसे घेरा जा रहा है। ऐसे में क्या लोग तालाब जाने के लिए या खेत जाने के लिए हेलीकाप्टर का उपयोग करेंगे इस पर शासन प्रशासन को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए ।

निजी भू स्वामी राकेश पाण्डेय

भू-स्वामी राकेश पाण्डेय का कहना है कि यह उनकी पुरानी खरीदी हुई जमीन है, जिसका सीमांकन उन्होंने 2014 में ही करवा लिया था। इसी साल जनवरी-फरवरी 2026 में आरआई, पटवारी और पार्षदों की मौजूदगी में भी सीमांकन हुआ था। पहले लगाई गई जालीदार बाउंड्री को बार-बार तोड़े जाने के कारण, अब वे नक्शे के अनुसार पक्की बाउंड्री करवा रहे हैं। जिसकी जानकारी सीएमओ नेतराम चंद्राकर जी को भी है। यदि किसी को आपत्ति है, तो वे राजस्व अधिकारियों से इसकी जाँच करा सकते हैं।

श्रीमती मीना वर्मा अध्यक्ष नगर पालिका परिषद कुम्हारी

नगर पालिका अध्यक्ष मीना वर्मा के अनुसार, कुम्हारी बस्ती स्थित जोरा तालाब के पास बन रही सड़क में कुछ किसानों की निजी जमीन आने से काम रुका है। उन्होंने किसानों को आपस में बैठकर सहमति से समाधान निकालने का सुझाव दिया है। यदि बात नहीं बनती, तो राजस्व विभाग (पटवारी, आरआई, तहसीलदार, एसडीएम व आवश्यकता पड़ने पर कलेक्टर) से विधिवत सीमांकन कराया जाएगा। तालाब में नाली के पानी की अस्थायी समस्या के स्थायी समाधान का प्रस्ताव भेज दिया गया है, स्वीकृति मिलते ही काम शुरू होगा। जनता का हित ही सर्वोपरि है।

“प्रमोद सिंह राजपूत उपाध्यक्ष नगर पालिका परिषद कुम्हारी

नगर पालिका उपाध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत ने अपने वक्तव्य में कहा कि बैठक में अध्यक्ष और ग्रामीणों की मौजूदगी में तय हुआ कि 3 दिन के भीतर अवैध कब्जा करने वाले को नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाया जाए, अन्यथा ग्रामीण सामूहिक कार्रवाई करेंगे। अधिकारी टालमटोल कर रहे हैं, इसलिए ग्रामीण कल ही एसडीएम और कलेक्टर को आवेदन देकर जमीन की नपाई की मांग करेंगे। शासकीय भूमि और नक्शे में की गई गड़बड़ी में शामिल अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

राजेश्वर सोनकर पूर्व अध्यक्ष नगर पालिका कुम्हारी

राजेश्वर सोनकर ने कहा कि हमारे बुजुर्गों के पुराने रास्ते को पक्का बनाने का काम शुरू हुआ, लेकिन भू-माफिया किसान बनकर विकास कार्य में बाधा डाल रहे हैं। जब प्रशासन ने नाली नहीं तोड़ी, तो ग्रामीणों ने खुद श्रमदान कर नाली का मार्ग बदल दिया। हम किसानों के हक की लड़ाई आगे भी लड़ते रहेंगे।”