लगातार आपराधिक गतिविधियों पर दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मनीष माण्डले एक साल के लिए जिलाबदर
दुर्ग समेत 7 जिलों की सीमाओं में प्रवेश प्रतिबंधित, 2013 से अब तक मारपीट के 6 सहित 8 प्रकरण दर्ज
दुर्ग। लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता और पूर्व में की गई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बावजूद सुधार नहीं होने पर दुर्ग जिला प्रशासन ने मनीष माण्डले के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिला दण्डाधिकारी, दुर्ग ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5 के तहत 24 सितंबर 2026 को एक वर्ष के लिए जिलाबदर का आदेश जारी किया है।
आदेश के तहत मनीष माण्डले को दुर्ग सहित रायपुर, बेमेतरा, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, बालोद और धमतरी—कुल 7 जिलों की सीमाओं में बिना अनुमति प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। उसे आदेश की तिथि से एक सप्ताह के भीतर इन जिलों की सीमाओं से बाहर जाने तथा एक वर्ष की अवधि तक बिना सक्षम अनुमति प्रवेश नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
2013 से लगातार दर्ज होते रहे आपराधिक प्रकरण
पुलिस के अनुसार, मनीष माण्डले निवासी नागदेवता चौक, नगपुरा, चौकी नगपुरा, थाना पुलगांव के विरुद्ध वर्ष 2013 से अब तक मारपीट के 6, छेड़छाड़ का 1 तथा आबकारी एक्ट का 1 प्रकरण दर्ज है। वर्ष 2025 में भी उसके विरुद्ध मारपीट से संबंधित प्रकरण दर्ज किया गया।
पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए रिकॉर्ड के अनुसार उसके विरुद्ध दर्ज प्रमुख प्रकरणों में वर्ष 2013, 2015, 2016 और 2021 के मारपीट संबंधी मामले, वर्ष 2018 का महिला से छेड़छाड़ एवं धमकी संबंधी मामला तथा वर्ष 2023 का आबकारी एक्ट का प्रकरण शामिल है। वर्ष 2025 में भी उसके खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
पहले भी हो चुका है जिलाबदर
पुलिस के मुताबिक मनीष माण्डले के खिलाफ आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए पहले भी कई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई थी। उसे गुंडा बदमाश सूची में शामिल कर निगरानी रखी गई तथा विभिन्न मामलों में न्यायालय के समक्ष इस्तगासा भी प्रस्तुत किए गए।
इतना ही नहीं, 12 नवंबर 2018 को जिला दण्डाधिकारी, दुर्ग के आदेश से उसे पहले भी जिलाबदर किया गया था। इसके बावजूद आपराधिक गतिविधियां जारी रहने पर पुलिस ने दोबारा जिलाबदर की कार्रवाई के लिए प्रकरण तैयार किया।
पुलिस ने प्रस्तुत किए आपराधिक रिकॉर्ड और साक्ष्य
जिलाबदर प्रकरण में थाना पुलगांव की ओर से आपराधिक चार्ट, जरायम सूची और संबंधित दस्तावेजों के साथ प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। प्रकरण में अभियोजन साक्षियों को नोटिस जारी कर उनके कथन भी अभिलिखित किए गए।
उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद जिला दण्डाधिकारी, दुर्ग ने 24 सितंबर 2026 को एक वर्ष की जिलाबदर कार्रवाई का आदेश जारी किया।
2025-26 में भी की गई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, अपराधों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मनीष माण्डले के खिलाफ समय-समय पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। विभिन्न प्रावधानों के तहत न्यायालय में इस्तगासा प्रस्तुत किए गए। वर्ष 2025 और 2026 में भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बावजूद आपराधिक गतिविधियां जारी रहने पर जिला बदर की कार्रवाई की गई।
इन 7 जिलों में प्रवेश पर प्रतिबंध
जिला दण्डाधिकारी के आदेश के अनुसार मनीष माण्डले को निम्न जिलों की सीमाओं में बिना अनुमति प्रवेश करने पर प्रतिबंधित किया गया है—
1. दुर्ग
2. रायपुर
3. बेमेतरा
4. खैरागढ़-छुईखदान-गंडई
5. राजनांदगांव
6. बालोद
7. धमतरी
पुलिस ने आम लोगों से की सूचना देने की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि क्षेत्र में यदि कोई व्यक्ति लगातार मारपीट, धमकी, छेड़छाड़ अथवा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। प्राप्त सूचना के आधार पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
जिलाबदर की कार्रवाई के लिए आपराधिक अभिलेख और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने तथा अभियोजन साक्षियों के कथन अभिलिखित कराने में थाना पुलगांव के थाना प्रभारी गुरविंदर सिंह संधू एवं चौकी नगपुरा के उप निरीक्षक खेलन सिंह साहू की भूमिका रही।



