भूमि सौदे में 10.01 लाख की धोखाधड़ी, जमीन दलाल गिरफ्तार
कम समय में ज्यादा मुनाफे का झांसा देकर कराया जमीन का सौदा, बाद में दूसरे को बेचने का आरोप; मोहन नगर पुलिस की कार्रवाई
दुर्ग। जमीन खरीद-बिक्री में निवेश कर कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का झांसा देकर 10.01 लाख रुपये की राशि लेने और बाद में संबंधित भूमि को किसी अन्य व्यक्ति को बेचने के आरोप में मोहन नगर पुलिस ने एक जमीन दलाल को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी लोकेश खुल्लर उर्फ लक्की (38 वर्ष), निवासी मैत्री नगर, रिसाली, भिलाई को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर भेज दिया गया। मामले में दो अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
जमीन में निवेश के नाम पर दिया मुनाफे का झांसा
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी विजय सिंह चौहान (53 वर्ष), निवासी शांति नगर, वैशाली नगर, दुर्ग की वर्ष 2024 में अजय साहू से पहचान हुई थी। अजय साहू ने स्वयं को जमीन खरीद-बिक्री का काम करने वाला बताते हुए उसकी मुलाकात लोकेश खुल्लर और अमित साहू से कराई।
आरोपियों ने प्रार्थी को ग्राम उरला, सिकोला, दुर्ग स्थित करीब 10 हजार वर्गफीट भूमि दिखाई और बताया कि जमीन में निवेश करने पर कम समय में अच्छा लाभ कमाया जा सकता है।
प्रार्थी द्वारा पूरी जमीन खरीदने में असमर्थता जताने पर लोकेश खुल्लर ने आधी जमीन स्वयं खरीदने और प्रार्थी के साथ मिलकर सौदा करने का प्रस्ताव रखा।
1,250 रुपये प्रति वर्गफीट में तय हुआ सौदा
इसके बाद भूमि स्वामियों से मुलाकात कर जमीन का सौदा 1,250 रुपये प्रति वर्गफीट की दर से तय किया गया। दिनांक 7 अक्टूबर 2024 को भूमि संबंधी इकरारनामा कराया गया।
रजिस्ट्री से पहले जमीन का सीमांकन कराने और मौके पर मौजूद बिजली खंभा हटवाने की जिम्मेदारी लोकेश खुल्लर ने ली थी।
आरोप है कि आरोपियों के कहने पर प्रार्थी ने 3 अक्टूबर 2024 को अमित साहू को 51 हजार रुपये तथा 7 अक्टूबर 2024 को भूमि स्वामियों के नाम 5 लाख और 4.50 लाख रुपये के चेक दिए। संबंधित खातों से उक्त राशि का भुगतान भी हो गया।
रजिस्ट्री के नाम पर टालते रहे, फिर जमीन दूसरे को बेच दी
राशि प्राप्त करने के बाद निर्धारित समय में न तो भूमि का सीमांकन कराया गया और न ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी की गई। प्रार्थी को लगातार जल्द कार्रवाई होने का आश्वासन दिया जाता रहा।
बाद में प्रार्थी को जानकारी मिली कि जिस भूमि के सौदे के लिए उससे रकम ली गई थी, वही भूमि किसी अन्य व्यक्ति को बेचकर उसकी रजिस्ट्री कर दी गई है।
प्रार्थी ने जब अपनी रकम वापस मांगी तो राशि वापस नहीं की गई। इसके बाद उसने 14 सितंबर 2026 को थाना मोहन नगर में शिकायत दर्ज कराई।
दस्तावेज और लेन-देन की जांच के बाद गिरफ्तारी
शिकायत मिलने के बाद मोहन नगर पुलिस ने भूमि सौदे से संबंधित दस्तावेज, इकरारनामा और वित्तीय लेन-देन की जांच शुरू की। विवेचना के दौरान आरोपी लोकेश खुल्लर उर्फ लक्की की भूमिका सामने आने पर पुलिस ने उसे 15 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर भेज दिया गया। मामले में शामिल अन्य दो आरोपियों की तलाश जारी है।
ऐसे किया गया कथित धोखाधड़ी का खेल
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने जमीन में निवेश कर कम समय में अधिक लाभ का भरोसा दिलाया। प्रार्थी को सौदे में शामिल करने के बाद इकरारनामा और राशि प्राप्त की गई। इसके बाद सीमांकन और रजिस्ट्री कराने के नाम पर लगातार समय टाला गया और बाद में भूमि को दूसरे व्यक्ति को बेच दिया गया।
घटना स्थल
मौजा ग्राम उरला, पटवारी हल्का नंबर 16, सिकोला, दुर्ग स्थित भूमि।
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जमीन अथवा किसी भी संपत्ति की खरीद-बिक्री से पहले स्वामित्व, दस्तावेज, सीमांकन, ऋण/विवाद की स्थिति और पंजीयन संबंधी जानकारी का विधिवत सत्यापन करें। कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देने वाले लोगों के झांसे में आकर बिना दस्तावेजों की जांच के रकम का लेन-देन न करें।



