भिलाई-3 पेट्रोल पंप पर नियमों की खुलेआम धज्जियां! वाहन चालकों को कतार में खड़ा कर डिब्बे-पीपों में पहले भरा जा रहा पेट्रोल
शासन के आदेशों पर पेट्रोल पंप कर्मियों की मनमानी भारी, चंद कदम दूर थाना फिर भी कार्रवाई पर सवाल
भिलाई-3। शासन और प्रशासन द्वारा पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री को लेकर समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं, लेकिन भिलाई-3 क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप पर इन नियमों की कथित तौर पर खुलेआम अनदेखी किए जाने का मामला सामने आया है। यहां पेट्रोल लेने पहुंचे वाहन चालकों को लाइन में खड़ा रहने के बावजूद कथित रूप से प्राथमिकता डिब्बे और पीपे लेकर पहुंचने वाले लोगों को दी जा रही है। इससे आम वाहन चालकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
मामले से जुड़ी तस्वीर में भी पेट्रोल पंप पर कंटेनरों में पेट्रोल भरते हुए लोग नजर आ रहे हैं। वहीं, वाहन चालकों को अपनी बारी के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। आरोप है कि जब वाहन चालक पेट्रोल पंप कर्मचारियों से पहले वाहनों में पेट्रोल डालने के लिए कहते हैं तो उन्हें साफ शब्दों में जवाब दिया जाता है कि पहले डिब्बे और पीपे वालों को पेट्रोल दिया जाएगा, उसके बाद ही वाहनों में पेट्रोल डाला जाएगा।
कतार में खड़े वाहन चालक, लेकिन प्राथमिकता किसे?
पेट्रोल पंप पर पेट्रोल लेने के लिए वाहन चालकों की कतार लगी रहती है। आम आदमी समय बचाने और अपने वाहन में ईंधन भरवाने के लिए लाइन में खड़ा रहता है। ऐसे में यदि कतार व्यवस्था को दरकिनार कर कंटेनर लेकर आने वालों को प्राथमिकता दी जाती है तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
लोगों का कहना है कि यदि पेट्रोल पंप पर बिक्री और वितरण को लेकर कोई निर्धारित नियम या प्राथमिकता व्यवस्था है तो उसे सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाना चाहिए। लेकिन यदि कर्मचारी अपनी सुविधा के अनुसार वाहन चालकों को पीछे कर डिब्बे-पीपों में पेट्रोल भर रहे हैं, तो संबंधित विभाग को इसकी जांच करनी चाहिए।
चंद दूरी पर थाना, फिर भी कार्रवाई कौन करेगा?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस क्षेत्र में पेट्रोल पंप संचालित हो रहा है, वहां से थाना भी अधिक दूर नहीं है। इसके बावजूद यदि खुलेआम नियमों की अनदेखी हो रही है तो जिम्मेदार विभागों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नियम-कायदे क्या सिर्फ आम जनता के लिए हैं? आम आदमी सड़क पर थोड़ी सी गलती करे तो चालान और कार्रवाई तत्काल हो जाती है, लेकिन सार्वजनिक रूप से नियमों की अनदेखी की शिकायतों पर जिम्मेदार अधिकारी कब संज्ञान लेंगे, यह बड़ा सवाल है।
प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय वाहन चालकों ने संबंधित अधिकारियों से पेट्रोल पंप की व्यवस्था की जांच कराने, बिक्री प्रक्रिया और पेट्रोल को कंटेनरों में दिए जाने की स्थिति की पड़ताल करने तथा यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
अब देखना यह है कि भिलाई-3 में नियमों की इस कथित मनमानी पर प्रशासन की नजर पड़ती है या फिर आम जनता की तरह इस मामले में भी लोगों को केवल इंतजार ही करना पड़ेगा।



