गणेश उत्सव की तैयारियों से लेकर विकास कार्यों तक आयुक्त सुरुचि सिंह ने ली समीक्षा बैठक

5 हजार वर्गफीट से बड़े गणेश पंडालों के लिए अनुमति शुल्क, सफाई शुल्क और सुरक्षा निधि अनिवार्य; तालाबों से जलकुंभी हटाने के भी निर्देश

भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई की आयुक्त श्रीमती सुरुचि सिंह की अध्यक्षता में निगम सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में गणेश उत्सव की तैयारियों सहित निगम के विभिन्न विकास कार्यों, स्वच्छता व्यवस्था, जनशिकायतों और शासन की योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। आयुक्त ने अधिकारियों को सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समय-सीमा में पूरा करने तथा नागरिक सुविधाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।

गणेश पंडालों के लिए अनुमति लेना अनिवार्य

बैठक में शासन के निर्देशानुसार गणेश प्रतिमा स्थापना के लिए बनाए जाने वाले पंडालों की अनुमति प्रक्रिया पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि 5,000 वर्गफीट से अधिक क्षेत्रफल वाले सभी पंडालों के लिए अनुमति शुल्क, सफाई शुल्क और सुरक्षा निधि जमा करना अनिवार्य होगा।

वहीं 5,000 वर्गफीट से कम क्षेत्रफल वाले पंडालों में यदि व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जाती हैं, तो ऐसे पंडालों के लिए भी अनुमति शुल्क, सफाई शुल्क और सुरक्षा निधि जमा करनी होगी।

पंडाल के लिए अनुमति शुल्क 3.50 रुपये प्रति वर्गफीट निर्धारित किया गया है, जबकि सफाई शुल्क 2,000 रुपये होगा। सुरक्षा निधि वापसी योग्य रहेगी। आयुक्त ने पंडाल संचालकों को निर्धारित नियमों एवं शर्तों के अनुरूप अनुमति प्राप्त करने तथा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।

तालाबों में जलकुंभी की सफाई पर जोर

आयुक्त ने शहर के विभिन्न तालाबों को चरणबद्ध तरीके से चिन्हांकित कर वहां जलकुंभी की सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से तालाबों की स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार सफाई कार्य कराने और जलस्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने को कहा।

सेवा संकल्प अभियान की गतिविधियों की समीक्षा

बैठक में शासन के निर्देशानुसार 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले सेवा संकल्प अभियान के तहत निगम द्वारा संचालित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों पर भी चर्चा की गई। इसके साथ ही सीएम पोर्टल, जनशिकायत, नगरोत्थान योजना सहित अन्य संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।

ईंधन खर्च कम करने के प्रयासों की सराहना

निगम के वाहनों के ईंधन व्यय में कमी लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की आयुक्त ने सराहना की। उन्होंने वाहनों के बेहतर उपयोग, नियमित निगरानी और संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन की व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया।

इसके अलावा शहर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति, कार्यों की गुणवत्ता, निर्धारित समय-सीमा और विभागीय स्तर पर लंबित कार्यों की भी समीक्षा की गई।

समय-सीमा में पूरे हों सभी कार्य

आयुक्त श्रीमती सुरुचि सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निगम के सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। शासन और निगम स्तर से जारी निर्देशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के साथ ही शहर की स्वच्छता, नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में अपर आयुक्त राजेंद्र कुमार दोहरे, मुख्य अभियंता अजीत कुमार तिग्गा, उपायुक्त नरेंद्र बंजारे, जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे, ऐशा लहरे, कुलदीप गुप्ता, कार्यपालन अभियंता सुनील जैन, संजय वर्मा, अनिल सिंह, अरविन्द शर्मा, नितेश मेश्राम, लेखाधिकारी चन्द्रभूषण साहू, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, राजस्व अधिकारी जे.पी. तिवारी, उद्यान अधिकारी तिलेश्वर साहू, सहायक अभियंता श्वेता वर्मा, चंद्रकांत साहू सहित उप अभियंता एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।