खैर लकड़ी के अवैध कारोबार में बड़ी कार्रवाई, आरोपी के घर से 81 लाख रुपये नकद बरामद
महासमुंद। खैर लकड़ी के कथित अवैध कारोबार और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम मुड़पार स्थित आरोपी मनीष अग्रवाल के मकान की तलाशी लेकर 81 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस को आशंका है कि यह रकम अपराध से अर्जित संपत्ति से जुड़ी हो सकती है। मामले में नकदी को जब्त कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
न्यायालय से सर्च वारंट मिलने के बाद हुई कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त किया गया था। इसके बाद 7 सितंबर को ग्राम मुड़पार, थाना सरसींवा क्षेत्र स्थित मकान पर पुलिस टीम ने तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद उसे विधिवत जब्त किया गया।
23 टन से ज्यादा खैर लकड़ी के परिवहन की जांच
इस पूरे मामले की शुरुआत जुलाई में हुई थी। वन परिक्षेत्र अधिकारी, पिथौरा की शिकायत के आधार पर पिथौरा थाने में प्रकरण दर्ज किया गया था। पुलिस जांच में करीब 23,350 किलोग्राम खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन से संबंधित जानकारी सामने आई।
जांच एजेंसियों के अनुसार, लकड़ी के परिवहन के लिए आवश्यक एनओसी में कथित तौर पर कूटरचना किए जाने और उसे वास्तविक दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल करने का मामला भी जांच के दायरे में है। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट और भारतीय वन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
500 रुपये के नोटों की 162 गड्डियां मिलीं
तलाशी के दौरान पुलिस को 500 रुपये के नोटों से भरी 162 गड्डियां मिलीं। इन गड्डियों में कुल 16,200 नोट पाए गए, जिनकी कुल कीमत 81 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस ने बरामद रकम को जब्ती पंचनामा की कार्रवाई के तहत अपने कब्जे में ले लिया है। अब जांच का प्रमुख बिंदु यह है कि इतनी बड़ी नकद राशि आरोपी के पास कहां से आई और इसका खैर लकड़ी के कथित अवैध कारोबार से कोई संबंध है या नहीं।
दूसरे राज्यों में जुड़े मामलों की भी पड़ताल
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी से जुड़े अन्य प्रकरणों की जानकारी भी मिली है। बताया गया है कि महासमुंद, माना और रायगढ़ के अलावा ओडिशा में भी आरोपी से संबंधित पुलिस और वन विभाग के मामले सामने आए हैं।
पुलिस अब इन पुराने मामलों और वर्तमान प्रकरण के बीच संभावित कड़ियों की जांच कर रही है। साथ ही जब्त की गई 81 लाख रुपये की रकम के स्रोत और उसके संभावित इस्तेमाल को लेकर भी पड़ताल जारी है।
नकदी के स्रोत की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के अनुसार, मामले में बरामद नकदी के स्रोत सहित प्रकरण से जुड़े अन्य पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद रकम का संबंध कथित अवैध गतिविधियों से है या नहीं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



