ऑनलाइन ठगी की रकम म्यूल बैंक खातों से निकालकर इस्तेमाल करने वाला आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार
भिलाईनगर पुलिस की विशेष टीम ने उदयपुर जिले से दबोचा, न्यायालय ने न्यायिक रिमांड पर भेजा; मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी
भिलाईनगर/दुर्ग। ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले में भिलाईनगर पुलिस को एक और सफलता मिली है। पुलिस ने ऑनलाइन ठगी की रकम को म्यूल बैंक खातों के माध्यम से आहरित कर उसका उपयोग करने के आरोप में राजस्थान निवासी 25 वर्षीय रमेश सुथार को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। आरोपी को आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, थाना भिलाईनगर में ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायत पर अपराध क्रमांक 469/2024, धारा 318(4) बीएनएस एवं 66D आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी।
पांच आरोपियों से पूछताछ के बाद सामने आया नाम
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने पूर्व में गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों से पूछताछ की। उनके मेमोरेंडम कथनों और विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों का विश्लेषण करने पर राजस्थान निवासी रमेश सुथार की भूमिका सामने आई।
पुलिस को ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर आरोपी पर अन्य आरोपियों के साथ मिलकर ऑनलाइन ठगी से प्राप्त रकम को म्यूल बैंक खातों से आहरित कर उसका उपयोग करने में शामिल होने का आरोप है।
राजस्थान में दबिश देकर किया गिरफ्तार
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए भिलाईनगर पुलिस ने विशेष टीम गठित की थी। टीम ने राजस्थान में आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार तलाश की। उपलब्ध साक्ष्यों और तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने 02 सितंबर 2026 को रमेश सुथार को विधिवत गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
क्या है म्यूल बैंक खाते?
ऑनलाइन साइबर ठगी के मामलों में कई बार ठगी की रकम सीधे आरोपियों के खाते में न जाकर ऐसे बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है, जिनका इस्तेमाल रकम को आगे स्थानांतरित या निकालने के लिए किया जाता है। ऐसे खातों को आम तौर पर म्यूल बैंक अकाउंट कहा जाता है। पुलिस इस मामले में यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम किन-किन खातों से होकर गुजरी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
आरोपी का विवरण
नाम: रमेश सुथार
उम्र: 25 वर्ष
निवासी: ग्राम बना, थाना खेरवा, तहसील वल्लभनगर, जिला उदयपुर, राजस्थान
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। साथ ही आरोपी की भूमिका से संबंधित दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का भी विवेचनात्मक परीक्षण किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इन पुलिसकर्मियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस कार्रवाई में थाना भिलाईनगर की विशेष टीम के उपनिरीक्षक पूरण बहादुर, आरक्षक अनूप शर्मा, आरक्षक शाहबाज खान एवं आरक्षक जुगनू सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की नागरिकों से अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन लेन-देन के दौरान किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाता, एटीएम, यूपीआई, ओटीपी या अन्य बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
पुलिस ने यह भी कहा है कि किसी व्यक्ति को अपने बैंक खाते का इस्तेमाल किसी अन्य व्यक्ति की रकम के लेन-देन के लिए न करने दें। यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन ठगी का शिकार होता है तो तत्काल अपने बैंक को सूचना देने के साथ साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं और पुलिस को भी जानकारी दें।



