ओशो मित्र मंडल भिलाई-दुर्ग की नई कार्यकारिणी का गठन, ओशो उपवन को मेडिटेटिव हब बनाने पर जोर, 21 सदस्यीय इनर सर्किल का भी हुआ गठन
भिलाई-3। ओशो उपवन, उम्दा रोड भिलाई-3 में 30 अगस्त 2026 को ओशो मित्र मंडल भिलाई-दुर्ग की कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया सर्वसम्मति से संपन्न हुई। चुनाव अधिकारी डॉ. विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रक्रिया में ओशो उपवन के उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से संजय श्रीवास्तव को लगातार दूसरी बार अध्यक्ष नियुक्त किया।
कार्यकारिणी गठन के दौरान सदस्यों ने संगठन की आगामी गतिविधियों, ओशो उपवन के विकास तथा ध्यान एवं आध्यात्मिक गतिविधियों को और अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने को लेकर भी चर्चा की। सर्वसम्मति से अध्यक्ष के चयन के बाद कार्यकारिणी के अन्य पदाधिकारियों का भी चयन किया गया।
नई कार्यकारिणी में इन्हें मिली जिम्मेदारी
ओशो मित्र मंडल भिलाई-दुर्ग की नवगठित कार्यकारिणी में—
- अध्यक्ष — संजय श्रीवास्तव
- उपाध्यक्ष — खुशबु वर्मा
- कोषाध्यक्ष — राजा जैन
- सचिव — अशोक डोगरे
- सहसचिव — चेतन साहू
- मीडिया प्रभारी — शंकर नंदी
इसके अलावा कार्यकारिणी में पांच सदस्यों को मनोनीत किया गया। सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों का चयन उपस्थित सदस्यों की सर्वसम्मति से किया गया।
ओशो उपवन को मेडिटेटिव हब बनाने की पहल
कार्यकारिणी गठन के साथ ही बैठक में ओशो उपवन को एक बेहतर ‘मेडिटेटिव हब’ के रूप में विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। उद्देश्य है कि ओशो उपवन में ध्यान, मेडिटेशन, आत्मचिंतन और ओशो की विचारधारा से जुड़ी गतिविधियों को नियमित एवं सुव्यवस्थित रूप से संचालित किया जा सके।
इसके साथ ही संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने और भविष्य की योजनाओं पर प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए 21 सदस्यीय इनर सर्किल का भी गठन किया गया। यह समूह ओशो उपवन तथा ओशो मित्र मंडल की आगामी गतिविधियों और योजनाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बड़ी संख्या में सदस्य और ओशो संन्यासी रहे मौजूद
कार्यकारिणी गठन के इस अवसर पर ओशो मित्र मंडल भिलाई-दुर्ग के बड़ी संख्या में सदस्य एवं ओशो संन्यासी उपस्थित रहे। सर्वसम्मति से कार्यकारिणी के गठन के बाद उपस्थित सदस्यों ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और संगठन को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
लगातार दूसरी बार अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद संजय श्रीवास्तव ने संगठन के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए ओशो उपवन को ध्यान और आत्मचिंतन के एक सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य सदस्यों को साथ लेकर ओशो की ध्यान एवं जीवन-दृष्टि से जुड़ी गतिविधियों को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाना है।
नवगठित कार्यकारिणी के गठन के साथ ओशो मित्र मंडल भिलाई-दुर्ग में आगामी गतिविधियों को लेकर नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है।



