तीन दिन के अनशन के बाद रास्ता साफ, रेलवे ने दी सड़क निर्माण को NOC; पार्षद टेनेंद्र ठाकरे का आंदोलन समाप्त

 तीन दिन के अनशन के बाद रास्ता साफ, रेलवे ने दी सड़क निर्माण को NOC; पार्षद टेनेंद्र ठाकरे का आंदोलन समाप्त

जी.ई. रोड कैनाल जंक्शन से पौनी पसारी चरोदा तक बनेगा वैकल्पिक मार्ग, महापौर निर्मल कोसरे ने जल्द काम शुरू कराने की कही बात

भिलाई-चरोदा। सुगम यातायात और क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही सड़क की समस्या को लेकर पार्षद टेनेंद्र ठाकरे द्वारा पिछले तीन दिनों से किया जा रहा अनशन आखिरकार समाप्त हो गया। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा प्रस्तावित वैकल्पिक सड़क निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी किए जाने के बाद आंदोलन को सफलता मिली। NOC जारी होने के साथ ही जी.ई. रोड कैनाल जंक्शन से पौनी पसारी चरोदा तक वैकल्पिक सड़क निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, मंडल अभियंता (समन्वय) कार्यालय रायपुर की ओर से 10 अगस्त 2026 को जारी पत्र में नगर पालिक निगम भिलाई-चरोदा को सड़क निर्माण के लिए अनापत्ति प्रदान की गई है। रेलवे ने यह अनुमति निगम द्वारा 6 अगस्त को भेजे गए पत्र के संदर्भ में दी है। प्रस्तावित सड़क रेलवे परिसर में नहर की सीमा के साथ विकसित की जानी है, जिसका उद्देश्य स्थानीय यातायात को सुगम बनाना और आम नागरिकों को बेहतर वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराना है।

तीन दिन तक अन्न-जल का त्याग

सड़क निर्माण की मांग को लेकर पार्षद टेनेंद्र ठाकरे ने तीन दिनों तक अनशन किया। उनका कहना था कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से आवागमन की समस्या से जूझ रही है और वैकल्पिक सड़क बनने से दादर-चरोदा क्षेत्र सहित आसपास के नागरिकों को काफी राहत मिलेगी। NOC जारी होने के बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त किया और इसे क्षेत्र की जनता की जीत बताया।

इस अवसर पर महापौर निर्मल कोसरे ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि सड़क निर्माण के लिए NOC फाइनल हो गया है और बहुत जल्द सड़क बनाने का काम शुरू करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क बनने से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी और नागरिकों को वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा।

सभापति ने आंदोलन की सराहना की

नगर निगम सभापति कृष्णा चंद्राकर ने भी पार्षद टेनेंद्र ठाकरे द्वारा उठाए गए कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे जनता की समस्याओं को मजबूती से सामने रखें और उनके समाधान के लिए प्रयास करें। उन्होंने सड़क निर्माण के मुद्दे पर राजनीतिक मतभेदों के बजाय क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देने की बात कही।

रेलवे ने रखीं महत्वपूर्ण शर्तें

जारी NOC में रेलवे ने कुछ शर्तें भी निर्धारित की हैं। रेलवे के अनुसार प्रस्तावित सड़क शुरू होने के बाद मौजूदा चरोदा-दादर ग्राम सड़क, जो सोलर प्लांट से होकर गुजरती है, उसे बंद करना होगा। इसके अलावा रेलवे भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण नहीं किया जा सकेगा। सड़क की प्रमुख मरम्मत एवं सुधार का खर्च स्थानीय निकाय, राज्य शासन या संबंधित एजेंसी को वहन करना होगा। साथ ही NOC के माध्यम से कोई नया प्रवेश अधिकार अथवा राइट ऑफ वे सृजित नहीं किया जाएगा।

जनता को दी बधाई

अनशन समाप्त करते हुए पार्षद टेनेंद्र ठाकरे ने दादर-चरोदा की जनता को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि तीन दिनों का त्याग तभी सार्थक है, जब क्षेत्र की जनता को सड़क की समस्या से स्थायी राहत मिले। उन्होंने NOC जारी होने को आंदोलन की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए आगे सड़क निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू होने की उम्मीद जताई।

अब निगाहें निगम प्रशासन पर हैं कि रेलवे से NOC मिलने के बाद सड़क निर्माण की आगामी प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी होती है और क्षेत्रवासियों को वैकल्पिक मार्ग की सुविधा कब तक मिलती है।