भिलाई में अपहरण कर डकैती करने वाले गिरोह पर शिकंजा, फरार आरोपी सिद्धार्थ उर्फ सिद्धू गिरफ्तार, न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया

 भिलाई में अपहरण कर डकैती करने वाले गिरोह पर शिकंजा, फरार आरोपी सिद्धार्थ उर्फ सिद्धू गिरफ्तार, न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया

भिलाई। दुर्ग जिले के थाना सुपेला पुलिस ने अपहरण एवं डकैती के चर्चित मामले में फरार चल रहे एक और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। पुलिस की लगातार कार्रवाई से इस गंभीर वारदात में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी का सिलसिला जारी है।

पुलिस के अनुसार, बालोद जिले के निवासी करण कुमार कुर्रे ने थाना डौंडी में शिकायत दर्ज कराई थी कि 2 जुलाई 2026 की रात वह अपने परिचित दिव्य बदी के साथ मोटरसाइकिल एवं एक्टिवा से भिलाई-3 जा रहे थे। इसी दौरान गदा चौक, सुपेला के पास कुछ युवकों ने सहायता करने के बहाने उन्हें रोक लिया। इसके बाद आरोपियों ने दोनों को जबरन सेक्टर-6 स्थित साईं मंदिर के पीछे खंडहर क्वार्टर में ले जाकर मारपीट की और धारदार हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी दी।

आरोपियों ने पीड़ितों से चांदी की अंगूठियां, ब्रेसलेट, नगदी और मोबाइल फोन लूट लिए। इतना ही नहीं, मोबाइल फोन के माध्यम से डरा-धमकाकर उनके परिचित के बैंक खाते में ऑनलाइन राशि भी ट्रांसफर कराई। वारदात के बाद आरोपियों ने पीड़ितों को अलग स्थान पर छोड़ दिया और उनकी एक्टिवा लेकर फरार हो गए। बाद में लूटी गई संपत्ति आपस में बांट ली गई।

इस मामले में थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 953/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140 एवं 310(2) के अंतर्गत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने पहले ही कई आरोपियों और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त वाहन, मोबाइल फोन तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त कर लिए थे।

इसी क्रम में फरार आरोपी सिद्धार्थ उर्फ सिद्धू देवदास (19 वर्ष), निवासी शिवाजी चौक, चरौदा, को 6 अगस्त 2026 को मुखबिर की सूचना पर हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने लूटे गए रियलमी मोबाइल फोन को बेचने के उद्देश्य से दूसरे आरोपी को देना तथा लूट की राशि में मिले पैसे खर्च कर देना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

सुनियोजित तरीके से दिया वारदात को अंजाम

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बाहरी लोगों को सहायता का झांसा देकर अपने कब्जे में लेते थे। इसके बाद उन्हें सुनसान स्थान पर ले जाकर मारपीट, हथियार के बल पर लूटपाट और मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन रकम ट्रांसफर कराते थे। पहचान उजागर न हो, इसके लिए पीड़ितों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी जाती थी।

पहले ही जब्त हो चुकी है महत्वपूर्ण सामग्री

पुलिस ने इस प्रकरण में घटना में प्रयुक्त धारदार हथियार, ओप्पो एवं रियलमी कंपनी के मोबाइल फोन, सफेद रंग की एक्टिवा स्कूटी तथा अन्य मोबाइल फोन पूर्व में ही जब्त कर लिए हैं।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी एस.एन. सिंह, उपनिरीक्षक अमर दास गंगेले, प्रधान आरक्षक प्रकाशचन्द्र तिवारी तथा आरक्षक सूर्यप्रताप सिंह, धर्मेन्द्र सूर्यवंशी और प्रदीप सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

दुर्ग पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अपरिचित व्यक्तियों के बहकावे या सहायता के नाम पर उनके साथ सुनसान स्थानों पर न जाएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा आपराधिक घटना की जानकारी तत्काल निकटतम पुलिस थाना या डायल-112 पर दें। पुलिस ने कहा है कि अपराधियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।