सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ₹3.19 लाख की ठगी, जामुल पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
बच्चों को सरकारी नौकरी दिलाने का दिया था झूठा भरोसा, नगद और ऑनलाइन माध्यम से वसूली गई रकम
जामुल/ सरकारी नौकरी दिलाने का झूठा सपना दिखाकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को जामुल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने प्रार्थी के बच्चों को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर अलग-अलग किश्तों में ₹3,19,050 नगद एवं ऑनलाइन माध्यम से वसूल लिए। नौकरी नहीं मिलने और रकम वापस नहीं करने पर पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, लोमेश वासनिक (54 वर्ष), निवासी अटल आवास, जामुल ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय दुर्ग में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसके घर के पास रहने वाले मनोज केशरवानी ने उसके बच्चों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 17 अगस्त 2025 से 20 अप्रैल 2026 के बीच विभिन्न किश्तों में कुल ₹3,19,050 लिए। लंबे समय तक नौकरी नहीं दिलाई गई और न ही राशि लौटाई गई। जब पैसे वापस मांगे गए तो आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा और अपने घर से भी गायब रहने लगा।
शिकायत के आधार पर थाना जामुल में अपराध क्रमांक 537/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसकी तलाश शुरू की। घेराबंदी कर 28 जुलाई 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर विधिसम्मत कार्रवाई की गई। मामले में साक्ष्य संकलन एवं अन्य आवश्यक वैधानिक विवेचना अभी जारी है।
आरोपी की पहचान
- नाम: मनोज केशरवानी
- उम्र: 57 वर्ष
- निवासी: शर्मा कॉलोनी, संतोषी पारा, कैम्प-2, भिलाई
अपराध का तरीका (Modus Operandi)
आरोपी ने सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा जीतकर प्रार्थी से अलग-अलग समय पर नगद और ऑनलाइन माध्यम से रकम प्राप्त की। बाद में न तो नौकरी दिलाई और न ही ली गई राशि वापस की, जिससे प्रार्थी आर्थिक ठगी का शिकार हो गया।
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को धनराशि न दें। सरकारी नौकरियां केवल वैधानिक चयन प्रक्रिया के माध्यम से ही प्राप्त होती हैं। यदि कोई व्यक्ति नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे की मांग करता है, तो उसकी सूचना तत्काल निकटतम थाना या पुलिस को दें। ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

