रिश्वतखोरी के आरोप में आरक्षक निलंबित, वाहन छोड़ने के एवज में ₹20 हजार मांगने का आरोप

 रिश्वतखोरी के आरोप में आरक्षक निलंबित, वाहन छोड़ने के एवज में ₹20 हजार मांगने का आरोप

शिकायत के बाद एसएसपी की कार्रवाई, विभागीय जांच भी शुरू

कुम्हारी। सड़क दुर्घटना के एक प्रकरण में जब्त वाहन को छुड़ाने की प्रक्रिया के दौरान कथित रूप से रिश्वत मांगने के आरोप में कुम्हारी थाना में पदस्थ आरक्षक सोलोमन राजू पर विभागीय कार्रवाई की गई है। शिकायत की जांच के बाद दुर्ग पुलिस अधीक्षक ने आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस लाइन अटैच कर दिया है। मामले में आगे की जांच भी जारी है।

दुर्घटना के बाद दर्ज हुआ मामला

जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता विमलेश कुमार द्विवेदी की कार का 27 दिसंबर 2025 को कुम्हारी ओवरब्रिज के नीचे एक बाइक से टकराव हो गया था। हादसे में बाइक सवार घायल हो गया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने घायल व्यक्ति को रायपुर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया और उपचार का खर्च भी वहन किया।

विमलेश के मुताबिक प्रारंभ में दूसरी ओर से पुलिस शिकायत दर्ज नहीं कराने की बात कही गई थी, लेकिन कुछ दिनों बाद उनके खिलाफ दुर्घटना से संबंधित मामला दर्ज कर लिया गया।

बार-बार थाने बुलाने और पैसे लेने का आरोप

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद उन्हें कई बार थाने बुलाया गया। कभी सुबह तो कभी देर रात तक दस्तावेजों के नाम पर परेशान किया गया। उनका दावा है कि इस दौरान विभिन्न मदों में खर्चा-पानी के नाम पर भी रकम ली जाती रही।

जब्त की गई थी नई किया सोनेट कार

विमलेश के अनुसार दुर्घटना के बाद उनकी नई किया सोनेट कार को पुलिस ने जब्त कर लिया था। वाहन को कोर्ट से रिलीज कराने की प्रक्रिया के दौरान पहले 1,500 रुपये लिए गए। इसके बाद दस्तावेजों और फोटोकॉपी के नाम पर अतिरिक्त राशि की मांग की गई।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कोर्ट में चालान प्रस्तुत करने के एवज में आरक्षक द्वारा 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई थी।

जमानत प्रक्रिया में देरी का भी आरोप

शिकायतकर्ता का कहना है कि न्यायालय में आवश्यक दस्तावेज समय पर प्रस्तुत नहीं किए गए। उनका आरोप है कि दस्तावेज दोपहर बाद पेश किए गए, जबकि सामान्यतः ऐसे मामलों में इन्हें पहले सत्र में प्रस्तुत किया जाता है। इसके कारण वाहन रिलीज की प्रक्रिया प्रभावित हुई और उन्हें नई तारीख मिलने का इंतजार करना पड़ा।

एसएसपी ने लिया संज्ञान

मामले की शिकायत मिलने के बाद दुर्ग एसएसपी ने प्राथमिक जांच कराई। आरोप प्रथम दृष्टया गंभीर पाए जाने पर आरक्षक सोलोमन राजू को निलंबित कर पुलिस लाइन भेज दिया गया। पुलिस विभाग ने मामले में विभागीय जांच भी प्रारंभ कर दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।