रायपुर पुलिस का शिकंजा: गांजा तस्कर हेमराज राव की ₹2.32 करोड़ की संपत्ति जब्त
रायपुर। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रायपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करी के आरोपी हेमराज राव और उसके परिवार से जुड़ी करीब 2 करोड़ 32 लाख 11 हजार रुपये की संपत्तियों को जब्त एवं फ्रीज कराया है। कार्रवाई सफेमा (SAFEMA) एक्ट के प्रावधानों के तहत की गई है। जब्त संपत्तियों में मकान, भूखंड, वाहन और बैंक खाते में जमा राशि शामिल है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अवैध मादक पदार्थों के कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त करने की कार्रवाई लगातार जारी है। इससे पहले भी एक अन्य गांजा तस्कर की करोड़ों रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।
उरला क्षेत्र से हुई थी गिरफ्तारी
पुलिस जांच के मुताबिक हेमराज राव (50 वर्ष), निवासी अछोली, को उरला थाना क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किया गया था। उसके कब्जे से गांजा बरामद हुआ था। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि वह लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी गतिविधियों में संलिप्त रहा है।
पुलिस रिकॉर्ड में आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी नारकोटिक मामलों से जुड़े अपराध दर्ज हैं। लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने के बाद उसके विरुद्ध पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई, जिसके बाद वह वर्तमान में जेल में निरुद्ध है।
किन संपत्तियों पर हुई कार्रवाई
पुलिस द्वारा की गई जांच में आरोपी और उसके परिवार के नाम पर दर्ज कई संपत्तियों का पता चला। कार्रवाई के दौरान—
- उरला मुख्य मार्ग स्थित लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य का मकान जब्त किया गया।
- आरोपी की पत्नी अनीता राव के नाम ग्राम अछोली में दर्ज तीन भूखंड जब्त किए गए, जिनका कुल क्षेत्रफल लगभग 914 वर्गमीटर बताया गया है।
- इन भूखंडों का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 1 करोड़ रुपये आंका गया है।
- आरोपी के नाम दर्ज दोपहिया वाहन को भी जब्ती की कार्रवाई में शामिल किया गया।
- बैंक खाते में जमा 30.67 लाख रुपये की राशि को फ्रीज कराया गया है।
पुलिस के अनुसार कुल मिलाकर करीब 2.32 करोड़ रुपये की संपत्तियों पर कार्रवाई की गई है।
अवैध कमाई पर फोकस
रायपुर पुलिस का कहना है कि केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी जा रही है, बल्कि अपराध से अर्जित संपत्तियों को भी कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त किया जा रहा है। इससे संगठित अपराध और मादक पदार्थ तस्करी के नेटवर्क को आर्थिक रूप से कमजोर करने में मदद मिलेगी।
अन्य आरोपियों की संपत्तियों की भी जांच
पुलिस अब अन्य कुख्यात अपराधियों और तस्करी से जुड़े आरोपियों की संपत्तियों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक कई मामलों में वित्तीय दस्तावेज, भूमि रिकॉर्ड और बैंक लेन-देन की पड़ताल की जा रही है।
इसी क्रम में अभनपुर क्षेत्र के एक जिला बदर आरोपी की संपत्तियों की भी जांच जारी है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, अपहरण, मारपीट, एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत कई मामले दर्ज बताए गए हैं।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि नशे और अवैध शराब के कारोबार से जुड़े अन्य आरोपियों की संपत्तियों पर भी जल्द कार्रवाई की जा सकती है। जांच एजेंसियां ऐसे मामलों में अपराध से अर्जित संपत्तियों का ब्योरा जुटाने में लगी हुई हैं।
रायपुर पुलिस का यह अभियान साफ संकेत देता है कि अब केवल तस्करों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उनकी अवैध कमाई और संपत्तियों पर भी सीधा प्रहार किया जाएगा।

