जांजगीर-चांपा में संदिग्ध स्लीपर सेल गतिविधि का खुलासा, पंजाब निवासी युवक गिरफ्तार

 जांजगीर-चांपा में संदिग्ध स्लीपर सेल गतिविधि का खुलासा, पंजाब निवासी युवक गिरफ्तार

मोबाइल से मिले अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और डिजिटल सामग्री की जांच जारी, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक संवेदनशील मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक को हिरासत में लिया है। पुलिस का दावा है कि युवक पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है और उसके पास से ऐसे डिजिटल साक्ष्य मिले हैं जिनकी जांच सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं।

किरायेदार सत्यापन अभियान में सामने आया मामला

जानकारी के अनुसार अकलतरा क्षेत्र में चलाए जा रहे किरायेदार सत्यापन अभियान के दौरान एक युवक की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, जिसके बाद कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने का दावा किया जा रहा है।

पंजाब का रहने वाला है आरोपी

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार युवक की पहचान 23 वर्षीय सेवक सिंह के रूप में हुई है, जो पंजाब के तरन तारण जिले का निवासी बताया गया है। वह कुछ समय से अकलतरा में किराये के मकान में रह रहा था।

मोबाइल जांच में मिले अहम सुराग

जांच एजेंसियों को आरोपी के मोबाइल फोन से कई डिजिटल रिकॉर्ड मिले हैं। इनमें सोशल मीडिया चैट, वीडियो कॉल के रिकॉर्ड तथा अंतरराष्ट्रीय नंबरों से संपर्क संबंधी जानकारी शामिल बताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि कुछ संपर्क पाकिस्तान सहित अन्य देशों से जुड़े पाए गए हैं, जिनकी गहन पड़ताल की जा रही है।

संवेदनशील सूचनाएं साझा करने की आशंका

पुलिस सूत्रों के अनुसार युवक पर महत्वपूर्ण स्थानों, व्यक्तियों तथा अन्य संवेदनशील जानकारियों को एकत्र कर विदेश भेजने का संदेह है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ऐसी गतिविधियां कब से संचालित की जा रही थीं और इनके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

टारगेट किलिंग की साजिश की भी जांच

पूछताछ के दौरान सामने आए कुछ इनपुट के आधार पर पुलिस संभावित टारगेट किलिंग से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार कुछ डिजिटल जानकारियां इस दिशा में संकेत देती हैं, हालांकि अभी जांच जारी है और आधिकारिक पुष्टि फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।

फोरेंसिक जांच से होंगे और खुलासे

पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में की गई कार्रवाई के बाद बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को विस्तृत तकनीकी और फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर आरोपी के संपर्कों और संभावित नेटवर्क के बारे में और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से अहम मामला

सुरक्षा एजेंसियां पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क तथा उसके उद्देश्य को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।