बाल दिवस पर रंगोली, स्टॉल और देशभक्ति की झांकी ने मोहा मन, वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर देशभक्ति नारों से गुंजा विद्यालय परिसर

मरवाही/प्रयास कैवर्त/ 
बाल दिवस पर पूरे देश में उत्साह का वातावरण देखने को मिला। इसी कड़ी में जिला गौरेला–पेंड्रा–मरवाही के सिवनी क्षेत्र के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय सिवनी, कन्या प्राथमिक विद्यालय व कन्या माध्यमिक विद्यालय सिवनी में बाल दिवस उत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान बच्चों की प्रतिभा, रचनात्मकता और देशभक्ति का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला।

रंगोली प्रतियोगिता ने खींचा ध्यान

तीनों विद्यालयों में आकर्षक रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं ने विविध थीम पर सुंदर व मनमोहक रंगोलियां बनाकर सभी का मन जीत लिया। छात्राओं की सृजनात्मक कला की हर ओर सराहना हुई।

हस्तनिर्मित सामग्री के स्टॉल रहे आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम में लगाई गई दुकानों के स्टॉल पर बच्चों ने हस्तनिर्मित वस्तुएं, कला कृतियां और घर पर तैयार सामग्री प्रदर्शित की। अभिभावक व शिक्षक बच्चों की रचनात्मक क्षमता से प्रभावित हुए और उनकी हौसला-अफजाई की।

वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष आयोजन

कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम् राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष गतिविधि आयोजित की गई। बच्चों ने समूह गान, पोस्टर प्रेजेंटेशन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से राष्ट्रगीत के इतिहास और महत्व को याद किया। देशभक्ति नारों से पूरा परिसर गूंज उठा और वातावरण भावनात्मक व प्रेरणादायक बना रहा।शिक्षकों ने बच्चों को राष्ट्रप्रेम, संस्कार और सृजनात्मकता को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।

विशिष्ट अतिथियों की गरिमामय उपस्थिति

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथि एवं पदाधिकारी:

  • राजेश नंदिनी आर्मो – जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र क्रमांक 09
  • हेमचंद्र मराबी – मंडल अध्यक्ष
  • लवकेश गुप्ता – कार्यक्रम संयोजक एवं मंडल उपाध्यक्ष
  • दयाचंद पोर्ते – कार्यक्रम प्रभारी

साथ ही कार्यक्रम में कृष्ण कुमार अमलेश, प्रदीप पांडे, मुकेश शर्मा, सूरज आर्मो, भुवनेश्वर शर्मा और चंद्रकांत सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

विद्यालय स्टाफ की भूमिका

कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कन्या प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय सिवनी के स्टाफ —
नरेश प्रसाद यादव (प्रधान पाठक), कामिनी पटेल (शिक्षक), जितेंद्र कुमार जायसवाल (शिक्षक), रंजीत बंसल (प्रधान पाठक), तथा युधिष्ठिर केवट (सीएसी) विशेष रूप से उपस्थित रहे।

बाल दिवस समारोह बच्चों के लिए केवल आनंद उत्सव ही नहीं, बल्कि सीख, संस्कार व राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने का अवसर साबित हुआ।

 विशेष:
कार्यक्रम के अंत में बच्चों को प्रेरणादायक संदेशों के साथ बाल दिवस की शुभकामनाएं दी गईं।