वाहन बिक्री के नाम पर लाखों की ठगी का आरोप, आरोपी गिरफ्तार
स्वामित्व हस्तांतरण में कथित अनियमितता कर शिकायतकर्ता को पहुंचाई आर्थिक क्षति, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया आरोपी
दुर्ग। वाहन विक्रय एवं स्वामित्व हस्तांतरण के नाम पर कथित धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को थाना पद्मनाभपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया है। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मामले की विवेचना अभी जारी है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता ने अपने परिजन के नाम पंजीकृत वाहन को बेचने के उद्देश्य से एक निजी वाहन क्रय-विक्रय प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रक्रिया शुरू की थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वाहन बिक्री होने की जानकारी दिए जाने के बावजूद वाहन के स्वामित्व हस्तांतरण, स्क्रैप प्रमाण पत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। साथ ही वाहन की वास्तविक स्थिति के संबंध में भी संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई, जिससे उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
शिकायत मिलने के बाद थाना पद्मनाभपुर पुलिस ने आवेदन, दस्तावेजों एवं अन्य उपलब्ध तथ्यों की विस्तृत जांच की। जांच में प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी एवं छलपूर्वक कृत्य किए जाने के पर्याप्त आधार मिलने पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) एवं 316(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया।
विवेचना के दौरान एकत्रित दस्तावेजी साक्ष्यों एवं तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
आरोपी का विवरण
संजय कुमार पटेल (44 वर्ष)
निवासी – शिव विहार कॉलोनी, थाना अमानाका, जिला रायपुर (छत्तीसगढ़)
पुलिस ने किए दस्तावेज जब्त
प्रकरण से संबंधित वाहन विक्रय एवं हस्तांतरण प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज और अभिलेख पुलिस द्वारा जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच जारी है।
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वाहन खरीदने या बेचने के दौरान सभी दस्तावेजों का सावधानीपूर्वक सत्यापन करें। वाहन के स्वामित्व हस्तांतरण की प्रक्रिया पूर्ण होने तक संबंधित अभिलेख सुरक्षित रखें तथा किसी भी संदिग्ध लेन-देन या धोखाधड़ी की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।

