दुर्ग में 8 करोड़ की अवैध अफीम खेती का भंडाफोड़, सवालों के घेरे में प्रशासनिक निगरानी
दुर्ग जिले के पुलगांव थाना क्षेत्र में अवैध अफीम की बड़े पैमाने पर खेती का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्राम समोदा, झेनझरी और सिरसा के बीच स्थित खेत में लगभग 05 एकड़ 62 डिसमिल भूमि पर अफीम के पौधे लगाए गए थे, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग ₹8 करोड़ बताई जा रही है। यह कार्रवाई दुर्ग पुलिस, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL), आबकारी विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई।
मक्का की फसल के बीच छुपाई गई थी अफीम
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने खेत में मक्का और भुट्टे की फसल के बीच-बीच में अफीम के पौधे लगाए थे
ताकि दूर से देखने पर यह सामान्य खेती लगे और किसी को संदेह न हो।
सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर खेत का निरीक्षण किया और अफीम की पूरी फसल को जप्त कर लिया।
प्रशासनिक निगरानी पर उठे गंभीर सवाल
इतने बड़े क्षेत्र में अफीम की खेती होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीण क्षेत्र में करीब 8 करोड़ रुपये की अवैध फसल तैयार हो रही थी और लंबे समय तक किसी विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। इससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर प्रशासनिक निगरानी और राजस्व अमले की जमीन स्तर पर मॉनिटरिंग कितनी प्रभावी है। स्थानीय लोगों के अनुसार खेतों में लंबे समय से गतिविधियां चल रही थीं, लेकिन किसी स्तर पर जांच या कार्रवाई नहीं हुई।
राजस्व विभाग ने की जमीन की जांच
कलेक्टर दुर्ग के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार और अतिरिक्त तहसीलदार मौके पर पहुंचे और भूमि अभिलेखों की जांच की।
- खसरा नंबर 309 – रकबा 80 डिसमिल
- खसरा नंबर 310 – रकबा 09 एकड़ 92 डिसमिल
- कुल रकबा – 10 एकड़ 72 डिसमिल
जांच के दौरान जमीन के रिकॉर्ड खंगाले गए और अवैध खेती से जुड़े लोगों की पहचान की प्रक्रिया शुरू की गई।
राजस्थान से बुलाए गए थे मजदूर
प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि अफीम की खेती के लिए बाहरी राज्यों से लोगों को बुलाकर काम कराया जा रहा था।
इससे संकेत मिलता है कि यह कोई छोटा स्थानीय मामला नहीं बल्कि संगठित नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
ये लोग आए जांच के दायरे में
- विनायक ताम्रकार (58 वर्ष) – निवासी तेमरापारा दुर्ग
- विकास बिश्नोई (27 वर्ष) – निवासी जिला जोधपुर, राजस्थान
- मनीष ठाकुर (45 वर्ष)
मामले में NDPS Act के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
संयुक्त टीम ने की बड़ी कार्रवाई
इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चन्द्रा, नगर पुलिस अधीक्षक हर्षित मेहर, एसडीओपी चित्रा वर्मा, सीएसपी सत्यप्रकाश सहित
पुलगांव थाना पुलिस, जेवरा–सिरसा चौकी पुलिस, NCB, FSL, आबकारी और राजस्व विभाग की टीम शामिल रही।

