छत्तीसगढ़ में ड्राइवर संघ की हड़ताल से ठप हुआ परिवहन, रविवार से पूरी तरह बंद रहेंगी बसें और ट्रकें

 छत्तीसगढ़ में ड्राइवर संघ की हड़ताल से ठप हुआ परिवहन, रविवार से पूरी तरह बंद रहेंगी बसें और ट्रकें

9 सूत्रीय मांगों को लेकर ड्राइवरों का अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू

छत्तीसगढ़ में ड्राइवर संघ ने अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के पहले ही दिन राज्यभर में व्यावसायिक वाहनों के पहिए थमने लगे हैं।
कई ट्रक, बसें और मालवाहक वाहन जहां खड़े थे, वहीं छोड़ दिए गए हैं। इस वजह से माल ढुलाई और परिवहन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।

राजनांदगांव में सबसे ज्यादा असर, कई रूटों पर बंद हुई बसें

राजनांदगांव जिले में हड़ताल का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला।
यहां राजनांदगांव-खैरागढ़ रूट पर सभी यात्री बसें बंद रहीं, जबकि राजनांदगांव से मोहला-मानपुर मार्ग पर कुछ बसें आंशिक रूप से चलीं।
हालांकि अधिकतर ट्रांसपोर्ट वाहन और बसें अब सड़कों से गायब हैं, जिससे यात्रियों और ट्रांसपोर्टर्स दोनों की मुश्किलें बढ़ गई हैं

संघ ने दी चेतावनी – रविवार से पूरी तरह रुक जाएगा परिवहन

जिला ड्राइवर महासंघ के सचिव जय वैष्णव ने बताया कि शनिवार को कई चालकों को हड़ताल की जानकारी नहीं थी, इसलिए वे वाहन लेकर निकल गए थे।
उन्हें अब हड़ताल का समर्थन करने के लिए कहा गया है।
संघ ने चेतावनी दी है कि रविवार से न केवल यात्री बसें बल्कि एफसीआई गोदामों से माल ढुलाई और अन्य परिवहन कार्य भी पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे।

ड्राइवरों की 9 प्रमुख मांगें

ड्राइवर महासंघ ने जिन मुद्दों को लेकर आंदोलन छेड़ा है, वे इस प्रकार हैं –

  1. राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू की जाए।
  2. ड्राइवर वेलफेयर बोर्ड का गठन किया जाए।
  3. चालकों की सुरक्षा के लिए अलग आयोग बने।
  4. दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा मिले।
  5. दुर्घटना में विकलांग होने पर 10 लाख रुपये की सहायता राशि।
  6. 1 सितंबर को “चालक दिवस” घोषित किया जाए।
  7. चालकों के बच्चों को निजी स्कूलों में 10% आरक्षण मिले।
  8. चालकों और उनके परिवार के लिए हेल्थ कार्ड जारी हों।
  9. 55 वर्ष से अधिक आयु के चालकों को पेंशन की सुविधा दी जाए।

फरहद चौक पर प्रदर्शन, चेकपोस्ट पर समर्थन की अपील

राजनांदगांव जिला मुख्यालय के फरहद चौक पर ड्राइवर संघ के सदस्य धरने पर बैठे हैं।
इसके अलावा पाटेकोहरा चेकपोस्ट के पहले वाहनों को रोककर चालकों से आंदोलन में समर्थन की अपील की जा रही है।
संघ का कहना है कि प्रशासन और ट्रांसपोर्टर्स ड्राइवरों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन चालक अपने अधिकारों के लिए पीछे नहीं हटेंगे।

संघ का संदेश – ‘अपने हक के लिए स्टेयरिंग छोड़नी होगी’

ड्राइवर संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक संगठन का नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के चालकों के हित से जुड़ा है।
उनका कहना है कि सरकार जब तक मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक “स्टेयरिंग छोड़ो” आंदोलन जारी रहेगा।