दुर्ग। कपड़े की गुणवत्ता को लेकर की गई शिकायत का विवाद मारपीट तक पहुंच गया। दुर्ग के पुलगांव-पोटिया रोड स्थित दुर्ग ट्रेड सेंटर में संचालित रेडीमेड कपड़ों की दुकान ‘बी-1 मेंस फैशन’ के मैनेजर पर ग्राहक के साथ गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप लगा है। ग्राहक की पत्नी के साथ भी धक्का-मुक्की किए जाने की शिकायत है। पीड़ित ने इस मामले में पुलिस से शिकायत की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पैंट का रंग निकलकर सफेद अंडरवियर पर लगा
शिकायतकर्ता भूपेन्द्र कुमार जैन, निवासी राजनांदगांव, पेशे से ज्वेलर्स कारोबारी हैं। उन्होंने 1 अक्टूबर 2026 को दुर्ग ट्रेड सेंटर स्थित बी-1 मेंस फैशन दुकान से कपड़ों की खरीदारी की थी। आरोप है कि 4 अक्टूबर को खरीदी गई नीले रंग की पैंट पहनने पर उसका रंग निकलकर उनके सफेद अंडरवियर पर लग गया।
इसकी शिकायत लेकर भूपेन्द्र जैन 5 अक्टूबर को दुकान पहुंचे और पैंट वापस कर दी। उस समय दुकान के मैनेजर सह कर्मचारी विजय बैद ने दो-तीन दिन के भीतर कंपनी में कपड़ा भेजकर बदलवाने का आश्वासन दिया था।
कई बार दुकान जाने के बाद भी नहीं मिला समाधान
भूपेन्द्र जैन के अनुसार, आश्वासन के बावजूद दुकान प्रबंधन की ओर से कोई सूचना नहीं दी गई। इसके बाद 15 से 22 अक्टूबर के बीच उन्होंने कई बार दुकान के चक्कर लगाए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। लगातार टालमटोल से परेशान होकर उन्होंने 24 अक्टूबर को मैनेजर से फोन पर बात की। इस दौरान दोनों के बीच तीखी बहस हो गई।
दुकान में ग्राहक के साथ मारपीट का आरोप
आरोप है कि उसी दिन शाम करीब 7:30 बजे भूपेन्द्र जैन अपनी पत्नी भूमिका जैन के साथ दुकान पहुंचे। कपड़ा बदलने को लेकर बातचीत के दौरान मैनेजर विजय बैद ने कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी और हाथ-मुक्कों से मारपीट की। इस घटना में भूपेन्द्र जैन के दाहिने पैर और सीने में चोट आने की बात शिकायत में कही गई है।
बीच-बचाव करने पहुंची पत्नी से भी धक्का-मुक्की
शिकायत के मुताबिक, पति को बचाने के लिए आगे आईं भूमिका जैन के साथ भी मैनेजर ने अभद्र व्यवहार करते हुए धक्का-मुक्की की। इस दौरान भूपेन्द्र जैन की सोने की चेन और उनकी पत्नी का मंगलसूत्र टूटकर गिर गया।
30 अक्टूबर को पुलिस में दर्ज कराई शिकायत
पीड़ित भूपेन्द्र जैन ने 30 अक्टूबर 2026 को संबंधित थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज, कर्मचारियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि कपड़े की गुणवत्ता को लेकर शुरू हुआ यह विवाद मारपीट तक कैसे पहुंचा और घटना में किसकी क्या भूमिका रही।





