नकली सोने की पत्तियां दिखाकर ज्वेलर्स से 19.32 लाख की ठगी, अंतरराज्यीय गिरोह के 6 सदस्य गिरफ्तार

 नकली सोने की पत्तियां दिखाकर ज्वेलर्स से 19.32 लाख की ठगी, अंतरराज्यीय गिरोह के 6 सदस्य गिरफ्तार

पहले असली सोना गिरवी रखकर जीता ज्वेलर्स का भरोसा, फिर नकली सोने की पत्तियां देकर ऐंठी लाखों की रकम; ट्रेन से फरार हो रहे आरोपियों को RPF नागपुर की मदद से पकड़ा

दुर्ग/पाटन। नकली सोने की पत्तियों को असली बताकर ज्वेलर्स व्यापारियों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का दुर्ग पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पाटन के लक्ष्मी ज्वेलर्स से 19 लाख 32 हजार रुपये की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने राजस्थान के अलवर क्षेत्र से जुड़े 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 23 नकली सोने की पत्तियां, 1 असली सोने की पत्ती, मोटरसाइकिल, नकदी सहित ठगी में इस्तेमाल की जाने वाली अन्य सामग्री बरामद की गई है।

असली सोना देकर बनाया भरोसा, फिर नकली पत्तियों से की लाखों की ठगी

पुलिस के अनुसार, 24 सितंबर 2026 को लक्ष्मी ज्वेलर्स, पुराना बाजार पाटन के संचालक आनंद सोनी ने थाना पाटन में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक आरोपी ओमी सिंह एवं लाखन सिंह दुकान पर पहुंचे और 18 नग सोने की पत्तियां, कुल वजन लगभग 180 ग्राम, असली सोना बताकर गिरवी रखीं।

इसके बदले आरोपियों ने ज्वेलर्स से 15 लाख 93 हजार रुपये प्राप्त किए। इसी दौरान उन्होंने दुकान से 3 नग सोने की अंगूठियां, वजन 18.910 ग्राम तथा चांदी की 1 जोड़ी पायल, वजन 176.590 ग्राम, जिसकी कुल कीमत लगभग 3 लाख 39 हजार रुपये थी, उधारी में ले ली।

आरोपियों ने ज्वेलर्स को विश्वास दिलाया कि वे एक सप्ताह के भीतर पूरी रकम ब्याज सहित वापस कर देंगे। लेकिन समय बीतने के बाद भी रकम वापस नहीं की गई।

जांच में खुला नकली सोने का राज

रकम वापस नहीं मिलने पर ज्वेलर्स को संदेह हुआ और गिरवी रखी गई सोने की पत्तियों की जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि पत्तियों में केवल लगभग 10 प्रतिशत सोना और 90 प्रतिशत अन्य धातु थी।

इस तरह आरोपियों ने असली सोना बताकर नकली सोने की पत्तियां गिरवी रखीं और ज्वेलर्स से कुल 19 लाख 32 हजार रुपये की धोखाधड़ी कर दी।

मामले में थाना पाटन में अपराध क्रमांक 347/2026, धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।

ऐसे बनाते थे ज्वेलर्स को अपना शिकार

पुलिस की जांच में गिरोह के अपराध करने का तरीका सामने आया है। आरोपी राजस्थान के अलवर क्षेत्र से जुड़े हैं और अलग-अलग शहरों, कस्बों एवं ग्रामीण इलाकों में घूमकर ज्वेलर्स को निशाना बनाते थे।

गिरोह के सदस्य शुरुआत में चटाई बेचने के बहाने स्थानीय क्षेत्रों में घूमते थे। इसी दौरान वे ज्वेलर्स व्यापारियों से संपर्क कर उनका विश्वास हासिल करते थे।

विश्वास कायम करने के लिए आरोपी पहले असली सोने की अंगूठी या अन्य आभूषण गिरवी रखते और समय पर लेन-देन पूरा करते थे। इससे ज्वेलर्स को उन पर भरोसा हो जाता था।

इसके बाद आरोपी दोबारा दुकान पर पहुंचते और असली सोने के साथ सोने की पॉलिश की हुई नकली सोने की पत्तियां मिलाकर बड़ी रकम प्राप्त कर लेते थे। पत्तियों पर सोने की पॉलिश होने के कारण पहली नजर में उनके नकली होने का पता लगाना मुश्किल होता था।

ठगी की रकम छिपाने के लिए बनवाई थी विशेष गुप्त थैली

पुलिस को जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपी ठगी की रकम और अन्य सामान को सुरक्षित तरीके से छिपाकर ले जाने के लिए कमर में बांधने वाली विशेष कपड़े की गुप्त थैलियों का इस्तेमाल करते थे।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ऐसी 6 गुप्त कपड़े की थैलियां भी बरामद की हैं।

दुर्ग पुलिस ने दूसरे जिलों के ज्वेलर्स को किया अलर्ट

पाटन में हुई घटना के बाद दुर्ग पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव एवं रायपुर के ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के ज्वेलर्स तथा ज्वेलर्स एसोसिएशन से संपर्क किया।

पुलिस ने व्यापारियों को गिरोह के अपराध करने के तरीके की जानकारी देते हुए उन्हें सतर्क रहने के लिए कहा।

इसी दौरान बालोद जिले के अर्जुन्दा क्षेत्र से पुलिस को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति इसी तरीके से एक अन्य ज्वेलर्स के यहां नकली सोना गिरवी रखकर करीब 25 लाख रुपये प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संदिग्धों को पकड़ लिया।

राजनांदगांव से ट्रेन में फरार हुए आरोपी, RPF नागपुर ने पकड़ा

पूछताछ और पुलिस को मिले सुरागों के आधार पर राजनांदगांव शहर में किराये के मकान में गिरोह के अन्य सदस्यों के रहने की जानकारी मिली।

पुलिस टीम के पहुंचने से पहले कुछ आरोपी वहां से फरार होकर ट्रेन से निकल चुके थे। इसके बाद पुलिस ने CCTV फुटेज और तकनीकी सुरागों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की।

दुर्ग पुलिस ने RPF नागपुर के साथ समन्वय स्थापित किया। संयुक्त प्रयासों के परिणामस्वरूप ट्रेन से फरार हो रहे 2 महिला एवं 2 पुरुष आरोपियों को पकड़ लिया गया।

इस तरह पुलिस ने गिरोह के कुल 6 सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

गिरफ्तार आरोपी

  1. श्याम सिंह उर्फ लाखन नायक, उम्र 31 वर्ष, निवासी ग्राम कठुमर, वार्ड क्रमांक 05, होदवाली मोहल्ला, थाना कठुमर, जिला अलवर, राजस्थान।
  2. गोविन्द नायक उर्फ गिरीराज, उम्र 39 वर्ष, निवासी ग्राम पोस्ट कठुमर, थाना कठुमर, जिला अलवर, राजस्थान।
  3. प्रहलाद नायक, उम्र 65 वर्ष, निवासी चैनपुरा, थाना खेरली, तहसील कठुमर, जिला अलवर, राजस्थान।
  4. अर्जुन नायक, उम्र 28 वर्ष, निवासी थाना चैनपुर, थाना खेरली, तहसील कठुमर, जिला अलवर, राजस्थान।
  5. राजबती नायक, उम्र 61 वर्ष, निवासी चैनपुर, थाना खेरली, तहसील कठुमर, जिला अलवर, राजस्थान।
  6. मंजू नायक, उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम रेटी, थाना कठुमर, पोस्ट ऑफिस कठुमर, जिला अलवर, राजस्थान।

आरोपियों से यह सामान बरामद

  • 23 नग सोने की पॉलिश की हुई नकली सोने की पत्तियां
  • 1 नग असली सोने की पत्ती
  • कुल 24 सोने की पत्तियां, प्रत्येक लगभग 10 ग्राम, कुल वजन करीब 240 ग्राम
  • पैशन प्रो मोटरसाइकिल क्रमांक CG-04-KV-0246
  • ₹16,190 नगद
  • कमर में बांधने वाली 6 गुप्त कपड़े की थैलियां
  • धर्मचंद रिखवचंद जैन ज्वेलर्स दुकान का कोरा बिल
  • आधार कार्ड एवं एटीएम कार्ड
  • हथौड़ी, पेचकस एवं स्क्रूड्राइवर
  • वाहन का बिक्री पत्र

अन्य वारदातों और प्रयासों की भी जांच जारी

पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने दुर्ग, पाटन, राजनांदगांव, अर्जुन्दा, गुंडरदेही सहित आसपास के अन्य क्षेत्रों में कितने ज्वेलर्स को निशाना बनाया है अथवा किन घटनाओं को अंजाम देने का प्रयास किया है।

पुलिस द्वारा आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क और अंतरराज्यीय कनेक्शन की भी विस्तृत जांच की जा रही है।

RPF नागपुर के सहयोग से गिरफ्तारी में मिली सफलता

आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी और बरामदगी की कार्रवाई में थाना पाटन पुलिस टीम तथा संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। फरार आरोपियों की तलाश के दौरान RPF नागपुर से प्राप्त समन्वय और सहयोग से पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली।

दुर्ग पुलिस की ज्वेलर्स व्यापारियों से अपील

दुर्ग पुलिस ने ज्वेलर्स व्यापारियों से अपील की है कि सोना अथवा अन्य कीमती धातु गिरवी रखते समय उसकी शुद्धता की वैज्ञानिक एवं प्रमाणित जांच अवश्य कराएं। बड़ी रकम का लेन-देन करने से पहले संबंधित व्यक्ति की पहचान और दस्तावेजों का पर्याप्त सत्यापन करें।

पुलिस ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति की गतिविधि संदिग्ध दिखाई दे या नकली सोने से संबंधित कोई जानकारी मिले तो तत्काल नजदीकी थाना अथवा पुलिस को सूचना दें।

दुर्ग पुलिस द्वारा अंतरराज्यीय एवं संगठित अपराधों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है।