नक्सलवाद पर विजय शर्मा का भूपेश बघेल को खुला चैलेंज, बोले—एक महीने तैयारी कर लें, फिर आमने-सामने होगी बहस
PM आवास के बाद अब नक्सलवाद और झीरम पर सियासी घमासान, छत्तीसगढ़ की राजनीति में बढ़ी ‘डिबेट पॉलिटिक्स’
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर हुई आमने-सामने की बहस के बाद अब नक्सलवाद का मुद्दा भी सियासी बहस के केंद्र में आ गया है। उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को नक्सलवाद के मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती दी है। शर्मा ने कहा कि यदि बघेल चाहें तो बहस की तैयारी के लिए एक महीने का समय ले सकते हैं, इसके बाद दोनों नेता आमने-सामने बैठकर इस मुद्दे पर चर्चा कर सकते हैं।
विजय शर्मा की इस चुनौती के बाद प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बयानबाजी तेज होने के संकेत हैं। यह चुनौती ऐसे समय सामने आई है, जब दोनों नेताओं के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर रायपुर प्रेस क्लब में सार्वजनिक बहस हो चुकी है।
PM आवास के बाद अब नक्सलवाद पर बहस की चुनौती
15 सितंबर 2026 को रायपुर प्रेस क्लब में विजय शर्मा और भूपेश बघेल के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन और आंकड़ों को लेकर खुली बहस हुई थी। करीब 80 मिनट चली इस बहस में दोनों नेताओं ने अपने-अपने दावे और आंकड़े सामने रखे तथा एक-दूसरे के पक्ष पर सवाल उठाए।
अब इसी बहस के बाद राजनीतिक टकराव का मुद्दा बदलता दिखाई दे रहा है। गृहमंत्री विजय शर्मा ने नक्सलवाद के मुद्दे पर भी इसी तरह आमने-सामने की बहस का प्रस्ताव रखा है।
झीरम घाटी का मुद्दा भी बहस के केंद्र में
नक्सलवाद की बहस के साथ ही झीरम घाटी मामले को लेकर भी भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज है। हालिया बयानों में झीरम मामले में न्याय और जांच से जुड़े सवाल उठाए गए हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक विजय शर्मा ने इसी संदर्भ में भूपेश बघेल को बहस की चुनौती दी है।
ऐसे में यदि दोनों नेताओं के बीच नक्सलवाद और झीरम घाटी जैसे मुद्दों पर सार्वजनिक बहस होती है, तो इसमें पिछली सरकार की नक्सल नीति, सुरक्षा अभियानों, पुनर्वास नीति, नक्सली हिंसा, प्रभावित क्षेत्रों के विकास और झीरम मामले से जुड़े विभिन्न सवाल प्रमुख मुद्दे बन सकते हैं।
बयानबाजी से आगे बढ़ेगी ‘डिबेट पॉलिटिक्स’?
छत्तीसगढ़ की राजनीति में नेताओं के बीच सीधे सार्वजनिक बहस का चलन लंबे समय बाद प्रमुखता से सामने आया है। PM आवास योजना पर हुई बहस के बाद अब नक्सलवाद को लेकर चुनौती ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।
फिलहाल सामने आई रिपोर्टों में विजय शर्मा की ओर से भूपेश बघेल को एक महीने की तैयारी के बाद बहस में शामिल होने की चुनौती दिए जाने की बात कही गई है। वहीं, इस मुद्दे पर आगे की बहस का स्थान और समय तय होने की जानकारी सामने नहीं आई है।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि भूपेश बघेल इस चुनौती पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या नक्सलवाद व झीरम घाटी के मुद्दे पर दोनों नेताओं के बीच एक और सार्वजनिक बहस का मंच तैयार होता है।



