शिवमहापुराण कथा में गूंजा ‘साइबर क्राइम से आज़ादी’ का संदेश, पंडित प्रदीप मिश्रा ने लाखों श्रद्धालुओं से की डिजिटल सुरक्षा की अपील, OTP-PIN साझा नहीं करने और संदिग्ध लिंक से बचने की दी सलाह

 शिवमहापुराण कथा में गूंजा ‘साइबर क्राइम से आज़ादी’ का संदेश, पंडित प्रदीप मिश्रा ने लाखों श्रद्धालुओं से की डिजिटल सुरक्षा की अपील, OTP-PIN साझा नहीं करने और संदिग्ध लिंक से बचने की दी सलाह

भिलाई। जयंती स्टेडियम, सिविक सेंटर भिलाई में आयोजित शिवमहापुराण कथा के दौरान प्रख्यात कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा, सीहोर वाले ने श्रद्धालुओं को धार्मिक संदेश के साथ-साथ साइबर अपराधों से बचाव के प्रति भी जागरूक किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘साइबर क्राइम से आज़ादी’ विशेष साइबर जागृति अभियान से जुड़ने और डिजिटल सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुंचाने की अपील की।

बोलबम सेवा समिति खुर्सीपार, भिलाई द्वारा 17 से 23 अगस्त 2026 तक जयंती स्टेडियम में शिवमहापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। विशाल जनसमागम को देखते हुए दुर्ग पुलिस द्वारा सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, यातायात, पार्किंग तथा प्रवेश-निकास को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

कथा के मंच से साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता

शिवमहापुराण कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं को साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि OTP, PIN, पासवर्ड, बैंक खाते की जानकारी अथवा अन्य गोपनीय जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।

उन्होंने संदिग्ध फोन कॉल, मैसेज, सोशल मीडिया संपर्क और अनजान लिंक से सावधान रहने तथा किसी भी डिजिटल लेन-देन से पहले पूरी तरह सत्यापन करने की अपील की।

‘साइबर क्राइम से आज़ादी’ अभियान से जुड़ने की अपील

छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक ‘साइबर क्राइम से आज़ादी’ विशेष साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। कथा के दौरान श्रद्धालुओं को इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।

श्रद्धालुओं से अभियान के QR Code को स्कैन कर जागरूकता अभियान से जुड़ने तथा अभियान के कटआउट के साथ सेल्फी लेकर उसे सोशल मीडिया एवं WhatsApp Status पर साझा करने की अपील की गई, ताकि साइबर सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।

ऐसे तरीके अपनाते हैं साइबर अपराधी

साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं। इनमें फर्जी फोन कॉल, भ्रामक मैसेज, संदिग्ध लिंक, सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क, फर्जी निवेश योजनाएं और अन्य डिजिटल माध्यम प्रमुख हैं।

अपराधी पहले विश्वास हासिल करते हैं और इसके बाद बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी हासिल कर आर्थिक ठगी का प्रयास करते हैं। इसलिए किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंकिंग जानकारी देने, लिंक खोलने अथवा पैसे ट्रांसफर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना बेहद जरूरी है।

दुर्ग पुलिस की नागरिकों से अपील

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि डिजिटल लेन-देन करते समय विशेष सावधानी बरतें। OTP, PIN, पासवर्ड, बैंकिंग विवरण और अन्य गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अनजान कॉल या मैसेज पर तुरंत भरोसा न करें।

पुलिस ने नागरिकों से ‘साइबर क्राइम से आज़ादी’ अभियान से जुड़कर अपने परिवार, मित्रों और परिचितों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया है।

साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत

यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो बिना देर किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने की अपील की गई है। समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने या आगे की कार्रवाई में मदद मिल सकती है।

शिवमहापुराण कथा जैसे बड़े जनसमागम में साइबर अपराध से बचाव का संदेश पहुंचाने के लिए आयोजन समिति और पुलिस टीम के बीच आवश्यक समन्वय किया गया।

दुर्ग पुलिस का संदेश:
“आपकी एक छोटी पहल, किसी बड़े साइबर अपराध को रोक सकती है।”