भिलाई-चरोदा सामान्य सभा में जमकर बवाल, 29 करोड़ के 33 विकास कार्यों पर लगी मुहर; विपक्ष ने सत्ता पक्ष को घेरा

 भिलाई-चरोदा सामान्य सभा में जमकर बवाल, 29 करोड़ के 33 विकास कार्यों पर लगी मुहर; विपक्ष ने सत्ता पक्ष को घेरा

भिलाई-चरोदा। नगर निगम भिलाई-चरोदा की सामान्य सभा की अंतिम बैठक गुरुवार को विकास कार्यों की मंजूरी से ज्यादा हंगामे, तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप के कारण सुर्खियों में रही। आगामी निकाय चुनाव से पहले हुई इस बैठक में विपक्ष ने विकास कार्यों के नाम पर राशि आवंटन और कथित मनमानी को लेकर सत्ता पक्ष पर जमकर सवाल दागे। सदन में माहौल कई बार इतना गरमा गया कि सभापति कृष्णा चंद्राकर को सदस्यों को संयम बरतने की चेतावनी तक देनी पड़ी।

हालांकि, हंगामे और विरोध के बीच करीब 29 करोड़ रुपये की लागत वाले 33 विकास कार्यों को सदन ने मंजूरी दे दी।

विपक्ष के तीखे सवाल, सत्ता पक्ष पर बरसे आरोप

बैठक की शुरुआत से ही उपनेता प्रतिपक्ष चंद्रप्रकाश पांडेय और पार्षद तुलसी ध्रुव ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष को घेरना शुरू कर दिया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि विकास कार्यों में प्राथमिकता और राशि आवंटन को लेकर पारदर्शिता का अभाव है। विकास कार्यों की गति और टेंडर प्रक्रिया में देरी को लेकर भी जमकर सवाल उठाए गए।

सांसद प्रतिनिधि विपिन चंद्राकर ने भी विपक्ष के तेवरों को धार देते हुए कई मुद्दों पर सवाल खड़े किए। इससे सदन का माहौल लगातार गरमाता गया।

बहस बढ़ी तो सभापति ने दी कड़ी चेतावनी

तीखी बहस के दौरान सदन में कई बार माहौल तनावपूर्ण नजर आया। सदस्यों के बीच बढ़ती नोकझोंक को देखते हुए सभापति कृष्णा चंद्राकर को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हर सदस्य को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन असंयमित और अमर्यादित भाषा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

स्थिति बिगड़ने पर सदस्यों को सदन से बाहर करने की चेतावनी भी दी गई। इसके बाद भी विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा।

29 करोड़ के 33 कामों पर मुहर

हंगामे के बीच सदन ने करीब 29 करोड़ रुपये के 33 विकास कार्यों को मंजूरी प्रदान कर दी। बैठक में अप्रैल, मई, जुलाई और अगस्त में महापौर परिषद (एमआईसी) द्वारा पारित प्रस्ताव भी सदन के समक्ष रखे गए।

विकास कार्यों के टेंडर में देरी को लेकर भी सवाल उठे। महापौर निर्मल कोसरे ने सोमवार को टेंडर जारी होने की जानकारी सदन को दी।

ट्रांसपोर्ट नगर के 67 भूखंड भी चर्चा में

बैठक में ट्रांसपोर्ट नगर फेज-2 के 67 नीलाम भूखंडों की उच्चतम बोली से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण जाति प्रमाण पत्र से जुड़े 137 आवेदनों को अपात्र किए जाने संबंधी प्रस्ताव भी सदन ने पारित कर दिया।

चुनाव से पहले आखिरी बैठक, बढ़ी सियासी गर्मी

नगर निगम की यह सामान्य सभा आगामी निकाय चुनाव से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच शक्ति प्रदर्शन का मंच भी बनती दिखाई दी। विकास कार्यों को लेकर जहां सत्ता पक्ष ने उपलब्धियों का पक्ष रखा, वहीं विपक्ष ने राशि आवंटन, टेंडर प्रक्रिया और कथित मनमानी को लेकर सवालों की बौछार कर दी।

बैठक का अंत भले ही 33 विकास कार्यों की मंजूरी के साथ हुआ, लेकिन सामान्य सभा में गूंजे तीखे आरोप और हंगामे की आवाजें चुनावी माहौल में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ाने के लिए काफी हैं।