रखरखाव के अभाव में बदहाल हुआ कुम्हारी का ओपन जिम, लाखों के उपकरण बने शो-पीस

 रखरखाव के अभाव में बदहाल हुआ कुम्हारी का ओपन जिम, लाखों के उपकरण बने शो-पीस

कीचड़, मलबे और गंदे पानी के बीच कसरत करने को मजबूर नागरिक, पालिका की मॉनिटरिंग व्यवस्था पर उठे सवाल

राकेश सोनकर की रिपोर्ट
कुम्हारी। नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 16 परसदा में नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित किया गया ओपन जिम अब अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रहा है। लाखों रुपये खर्च कर लगाए गए व्यायाम उपकरण रखरखाव के अभाव में महज शो-पीस बनकर रह गए हैं। जिम परिसर में फैली गंदगी, कीचड़, मलबे और जलभराव ने पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली और मॉनिटरिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कसरत की जगह कीचड़ और मलबे का अंबार

ओपन जिम के आसपास की स्थिति देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां नियमित रखरखाव नहीं हो रहा है। व्यायाम उपकरण खुले मैदान में बिना पक्के चबूतरे और पर्याप्त व्यवस्था के लगे हुए हैं। बारिश के बाद परिसर में जगह-जगह पानी जमा होने से कीचड़ फैल गया है। आसपास घास-फूस और गंदगी भी नजर आती है।

इतना ही नहीं, जिम के ठीक समीप गिट्टी का ढेर पड़ा हुआ है, जो न केवल अव्यवस्था को दर्शाता है बल्कि यहां आने वाले लोगों के लिए दुर्घटना का कारण भी बन सकता है।

लाखों खर्च, लेकिन निगरानी नदारद

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगरपालिका ने लाखों रुपये खर्च कर व्यायाम उपकरण तो स्थापित कर दिए, लेकिन उसके बाद इनके रखरखाव और नियमित निरीक्षण की जिम्मेदारी जैसे भुला दी गई। यदि अधिकारी समय-समय पर स्थल का निरीक्षण करते और व्यवस्था की मॉनिटरिंग करते तो आज जिम की यह दुर्दशा नहीं होती।

सुबह-शाम टहलने और व्यायाम करने आने वाले नागरिकों को बारिश के दिनों में विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कीचड़ और जलभराव के कारण लोग उपकरणों तक पहुंचने से भी कतराते हैं। वहीं घनी घास और गंदगी के कारण जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना रहता है।

‘सबसे स्वच्छ शहर’ के दावे के बीच बदहाल तस्वीर

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस कुम्हारी नगर पालिका को स्वच्छता सर्वेक्षण में सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड मिलने का गौरव हासिल हुआ है, उसी नगर पालिका क्षेत्र में सार्वजनिक उपयोग के ओपन जिम की यह हालत आखिर क्यों है?

एक ओर स्वच्छता और बेहतर नगरीय व्यवस्था के पुरस्कारों की चर्चा होती है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर सार्वजनिक सुविधाएं बदहाल नजर आती हैं। ऐसे में पुरस्कार और वास्तविक व्यवस्था के बीच का अंतर जनता के बीच चर्चा का विषय बनना स्वाभाविक है।

जनता की मांग—सिर्फ उपकरण लगाना नहीं, उनका रखरखाव भी जरूरी

स्थानीय नागरिकों ने नगरपालिका प्रशासन से मांग की है कि ओपन जिम परिसर से कीचड़ और मलबा तत्काल हटाया जाए, जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए तथा उपकरणों के लिए पक्का प्लेटफॉर्म और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

जनता का कहना है कि सरकारी राशि खर्च कर कोई सुविधा बना देना ही पर्याप्त नहीं है। उसकी नियमित देखरेख और उपयोगी बनाए रखना भी प्रशासन की उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी है। अब देखना होगा कि कुम्हारी पालिका प्रशासन इस बदहाल ओपन जिम की सुध कब लेता है या लाखों रुपये के ये उपकरण यूं ही सरकारी उदासीनता के बीच शो-पीस बने रहेंगे।